रिपोर्ट: सुफ़यान सैफ़ | मेवात टाइम्स
उटावड़ (मेवात):इलाका-ए-मेवात में सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम क़दम उठाते हुए आज उटावड़ मरकज़ में सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ एक मुशावरती पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की सदारत चिरकलोट पाल की 21 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। इस बैठक का मक़सद समाज में गहराती बुराइयों पर खुलकर मंथन करना और उनके स्थायी व व्यावहारिक समाधान तलाशना रहा।
पंचायत में पाँच मूल मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई, जिनमें दहेज प्रथा से पैदा हो रहा सामाजिक तनाव, गोकशी व गौ-तस्करी, समाज में तेज़ी से फैलता नशा, बढ़ते साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता शामिल रहे। इसके अलावा डीजे पर पाबंदी, सट्टेबाज़ी, बारात की संख्या सीमित करना, कम मेहर, लड़कियों को विरासत में हक़ दिलाना, झूठे मुक़दमे, दीनी व दुनियावी तालीम की बेदारी जैसे विषयों पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
मुशावरे के बाद सर्वसम्मति से कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। तय किया गया कि इसी सिलसिले में 15 फ़रवरी को उटावड़ मरकज़ में एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसके लिए 21 सदस्यीय आयोजक समिति गठित की गई है, जिसे आगे विस्तारित किया जाएगा। अध्यक्ष मंडल की ओर से एक नीति-निर्धारण समिति और सचिवालय भी बनाया जाएगा, जो सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन हेतु ठोस नीतियाँ तय कर उनके अमल में सहयोग करेगा।
पंचायत को कामयाब बनाने के लिए गांव-गांव जाकर पंचायतें और नुक्कड़ सभाएं आयोजित करने का फ़ैसला भी लिया गया है, वहीं बचे हुए सुझावों के लिए एक नंबर सिस्टम मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पंचायत में मौलाना याहया करीमी, विधायक चौधरी इसराईल, विधायक आफ़ताब अहमद, विधायक मामन ख़ान इंजीनियर, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, हाजी आस मोहम्मद, हाजी अख्तर, रमज़ान चौधरी, सद्दीक अहमद मेव सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक हस्तियाँ मौजूद रहीं।
यह मुशावरती पंचायत इस बात का स्पष्ट पैग़ाम है कि इत्तेहाद, इंसाफ़ और इस्लाह के ज़रिये समाज को बुराइयों से पाक किया जा सकता है।

