बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को सफल बनाने के लिए कृतसंकल्प है जिला प्रशासन : उपायुक्त

admin

admin

22 April 2025 (Publish: 12:16 PM IST)

नूंह, 22 अप्रैल।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को सफल बनाने तथा हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशों की अनुपालना कराने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है। विवाह के लिए लडक़ी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लडक़े की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई उक्त आयु से पहले लडक़ी और लडक़े की शादी करता है तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आएगा और दोषी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिला प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए पूरी तहर सजग एवं सतर्क है। उन्होंने बताया कि बुधवार 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया (आखा तीज) पर विवाह-शादियों के लिए अबूझ सावा व शुभ मुहूर्त होने के चलते बहुत अधिक शादियां होती हैं। ऐसे शुभ मुहूर्त पर बाल विवाह होने का अंदेशा भी बना रहता है। इस दौरान बाल विवाह की रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिला प्रशासन की ओर से बाल विवाह करने व करवाने वालों पर बाल विवाह अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को अक्षय तृतीया पर बाल विवाह को रोकने के लिए पुजारी, गांव के सरपंच व नंबरदार सहित शहर के पूर्व पार्षदों को आगाह करने के साथ-साथ इस तरह की शादी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल के संचालकों, मैरिज पैलेस के मालिकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के सम्बंध में पहले दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच करें। जांच के दौरान लडक़ी की आयु 18 वर्ष और लडक़े की आयु 21 वर्ष से कम है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें।
उपायुक्त ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लडक़ी की शादी 18 वर्ष और लडक़े की शादी 21 वर्ष से पहले की जाती है, तो वह कानूनन अपराध है। एक्ट के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी जिसके तहत दो साल की जेल व एक लाख रूपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के आयोजन के संबंध में कोई भी व्यक्ति सूचना पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, सीटीएम, तहसीलदार, नजदीकी पुलिस थाना/चौकी, आंगनवाड़ी वर्कर, डब्ल्यूसीडीपीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, बाल विवाह निषेध अधिकारी तथा पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 और पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दे सकते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top